Pranamya Sagar
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4. ज्ञान भावना (सोलहकारण भावना)

pravachanOct 30, 2025

Audio ज्ञान भावना संवर तत्त्व समादर करता, नित्य निर्जरा को चाहे आतम का वह रसिक बना है, आत्म भावना को भाए। जिसको लगन लगी आतम की, शिवपथ को जो चाह रहा ज्ञान भावना लीन यती वह, ज्ञानामृत रस पाग रहा॥1॥ --o-- न सुगुण से भरा हुआ है, आतम पूरा चारों ओर निज स्वभाव को यूँ विचारकर, अन्य विषय…