Pranamya Sagar
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नई छ्हढाला (ढाल-5)

pravachanOct 10, 2025

परम पूज्य मुनि श्री प्रणम्य सागर जी महाराज द्वारा विरचित विशिष्ट कृति "नई छ्हढाला" की पाँचवी ढाल पर पूज्य मुनि श्री की ही अमृतमयी वाणी में मंगल देशना -o-----o-----o- स्वाध्याय (वाचना) -16 (23-Dec-2025) भाग्य और पुरुषार्थ में किसकी है मुख्यता? काललब्धि और भवितव्यता में अन्तर, अपन…