Pranamya Sagar
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8. साधु समाधि भावना (सोलहकारण भावना)

pravachanOct 31, 2025

Audio साधु समाधि भावना जिसके चित्त विशुद्धि रहती, क्लेश रहित जीवन जीता धर्मध्यान औ शुक्लध्यान से, आतम अनुभव रस पीता। आतम में ये भाव निराले, विरले जन में हैं मिलते साधु समाधि भावना वाले, मुनियों के मन-मुख खिलते॥1॥ --o-- मनो योग औ वचन योग से, काय योग से सहित हुआ तीनों योग सहित श्र…