Pranamya Sagar
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7. प्रासुक परित्याग भावना (सोलहकारण भावना)

pravachanOct 30, 2025

Audio प्रासुक परित्याग भावना दान मिला है महाजनों से, तीर्थंकर का ज्ञान मिला इस अपार संसार सुखाने, जिन-वाणी रस पान पिला। दिव्यपुरुष के दिव्य वचन ही, दिव्य दान हैं ग्रहण करो पर पीड़ा-हिंसा बिन प्रासुक, त्याग वचन का श्रवण करो॥1॥ --o-- जो साधु प्रासुक खाता है, जिह्वा वश में रखता है…