10. अरिहंत भक्ति भावना (सोलहकारण भावना)
pravachanOct 31, 2025
Audio अरिहंत भक्ति भावना भूत काल में जो नर मुक्ति, गये, जा रहे, जाएंगे वे अरिहन्त चरण की भक्ति, का फल पाए पाएँगे। जिनकी भक्ति करते करते, परिणति सम्यक् हो जाती ऐसी अर्हंद् भक्ति करने, क्यों तव मति ना लग जाती॥1॥ --o-- मोह महा विष आतम भीतर, पग-पग मूर्छित करता है वह विषनाशक जिनवर भक…
