Functions & News (2026)
Jan 01, 2026

मुनि श्री प्रणम्य सागर जी के मार्गदर्शन में अर्हम् ध्यान योग, प्राकृत भाषा और आध्यात्मिक साहित्य की खोज करें — आधुनिक जीवन के लिए स्थिरता और शांति।

दृष्टा
प्राचीन ज्ञान के पुनरुद्धार में समर्पित विद्वान और आध्यात्मिक मार्गदर्शक। उनकी शिक्षाएँ शाश्वत जैन दर्शन को दैनिक जीवन से जोड़ती हैं।
अर्हम् ध्यान योग के अभ्यास से वे मानसिक स्थिरता और पूर्ण जीवन शक्ति की स्पष्ट राह खोलते हैं।
जैन परंपरा में संरक्षित ध्यान साधनाओं के माध्यम से मानसिक स्थिरता और आध्यात्मिक गहराई का समग्र मार्ग।
श्वास-सचेतना और अर्ह ध्यान में निहित दृश्यावलोकन — नवसाधक से अनुभवी तक, नियमित और स्थिर अभ्यास के लिए।
जैन शास्त्रों से निकले अभ्यास, समकालीन साधकों के लिए शुद्ध रूप में प्रस्तुत।
परंपरा की भाषिक धड़कन — प्राकृत — मूल ग्रंथों और भक्ति अभिव्यक्ति का द्वार।
कक्षा में जुड़ेंसाधना पथ पर दृश्य झलकियाँ।
जैन धर्म, योग और जागृति पर संकलन — अपनी गति से पढ़ें।
यात्रा कार्यक्रम, प्रवचन, शिविर — जहाँ श्रवण का व्रत समुदाय बनता है।
श्रवणबेलगोला, कर्नाटक • १५–२० जुलाई २०२४
अर्ह ध्यान योग आश्रम, जयपुर, राजस्थान